मंगलवार, 8 सितंबर 2026
हिन्दीEnglishاردو
मंथन टुडे

मंथन टुडे

ई-पेपर
  • टॉप स्टोरीज़
  • ताजा खबर
  • ब्रेकिंग
  • राज्य
  • राजनीति
  • विश्व समाचार
  • विशेष रिपोर्ट
  • रुझान
  • मनोरंजन
  • टॉप
  • ताजा खबर
  • ब्रेकिंग
  • राज्य
  • राजनीति
  • विश्व समाचार
  • विशेष रिपोर्ट
  • रुझान
  • मनोरंजन
मंथन टुडे
  • होम
  • ताजा खबर
  • ब्रेकिंग
  • राज्य
  • राजनीति
  • विश्व समाचार
  • विशेष रिपोर्ट
  • रुझान
  • मनोरंजन
  • जीवन शैली
  • युवा
  • महिला जगत
  • शख़्सियत
  • साहित्य
  • व्यापार
  • ई-पेपर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें
हिन्दीEnglishاردو

मंथन टुडे

हर ख़बर का मंथन

श्रेणियाँ

  • स्थानीय
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • व्यापार
  • प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा

त्वरित लिंक

  • होम
  • ई-पेपर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें

न्यूजरूम

  • संपादकीय नीति
  • सुधार और शिकायतें
  • विज्ञापन
  • न्यूजरूम संपर्क

भाषाएँ

  • हिन्दी (Hindi)
  • English
  • اردو (Urdu)

हमें फॉलो करें

सदस्यता लें

Email: manthantodayai@gmail.com|Phone: 9031641081

© 2026 Manthan Today. सर्वाधिकार सुरक्षित

Designed and Developed byZeloiteZeloite
अनंत सिंह झुक गए JDU MLC नीरज कुमार के सामने ?
  1. होम
  2. विशेष रिपोर्ट
विशेष रिपोर्ट

अनंत सिंह झुक गए JDU MLC नीरज कुमार के सामने ?

Manthan Today
•8 सितंबर 2026 को 04:24 am बजे•10 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें

राजनीति में सवाल छोटा हो सकता है, लेकिन उसके पीछे छिपी कहानी बहुत बड़ी होती है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव ने JDU के भीतर कुछ ऐसा ही सियासी मोड़ पैदा कर दिया है। जिस अनंत सिंह ने कभी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया था, वही अनंत सिंह अब पार्टी की अहम बैठक में पहुंचे और बैठक खत्म होने के बाद मीडिया के सामने एक शब्द तक नहीं बोले। अब इसी खामोशी को लेकर पटना की सियासत में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

GOVIND SINGH

राजनीति में सवाल छोटा हो सकता है, लेकिन उसके पीछे छिपी कहानी बहुत बड़ी होती है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव ने JDU के भीतर कुछ ऐसा ही सियासी मोड़ पैदा कर दिया है। जिस अनंत सिंह ने कभी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया था, वही अनंत सिंह अब पार्टी की अहम बैठक में पहुंचे और बैठक खत्म होने के बाद मीडिया के सामने एक शब्द तक नहीं बोले। अब इसी खामोशी को लेकर पटना की सियासत में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

कहानी की शुरुआत मोकामा विधानसभा चुनाव से होती है। उस वक्त MLC नीरज कुमार का एक बयान खूब चर्चा में आया था। उन्होंने कहा था—“मोकामा के कपार पर दुर्गति लिखल है।” इतना ही नहीं, नीरज कुमार ने अनंत सिंह को JDU का टिकट दिए जाने पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने पार्टी में रहते हुए नैतिकता के आधार पर मोकामा विधायक के समर्थन से दूरी बनाने की बात तक कह दी थी। बयानबाजी ने सियासी माहौल को गरमा दिया था और दोनों नेताओं के बीच दूरी साफ दिखाई दे रही थी।

लेकिन, राजनीति में समय सबसे बड़ा खिलाड़ी होता है। वक्त बदला, चुनाव बदला और अब बारी पटना स्नातक MLC चुनाव की आ गई। इस बार कहानी का किरदार वही हैं, लेकिन भूमिका कुछ उलटती नजर आई। JDU ने नीरज कुमार को फिर मैदान में उतारा तो अनंत सिंह ने खुलकर उनके खिलाफ तेवर दिखा दिए। उन्होंने नीरज कुमार के बजाय अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। अनंत सिंह का संदेश भी बिल्कुल साफ था—जिसने हमारा विरोध किया, हम भी उसका विरोध करेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों के अनुज सिंह के साथ खड़े होने की बात कही।

बस फिर क्या था, JDU के भीतर हलचल तेज हो गई। पार्टी के लिए यह मामला केवल दो नेताओं की नाराजगी नहीं था, बल्कि चुनावी समीकरण पर सीधा असर डालने वाला विवाद बन गया। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की पहल पर अहम बैठक बुलाई गई। नजरें इस बात पर थीं कि अनंत सिंह बैठक में आते हैं या नहीं और अगर आते हैं तो क्या कहते हैं। अनंत सिंह बैठक में पहुंचे जरूर, लेकिन असली ट्विस्ट इसके बाद आया। बैठक खत्म हुई और अनंत सिंह ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। न कोई हमला, न कोई पलटवार और न ही पहले वाले तेवर। उनकी चुप्पी ने सवाल जरूर खड़े कर दिए। क्या पार्टी के दबाव में तेवर नरम पड़ गए ? क्या विवाद पर विराम लग गया ? या फिर अनंत सिंह ने फिलहाल चुप रहकर सियासी चाल चलना बेहतर समझा ? इन सवालों का जवाब अभी साफ नहीं है।

दूसरी तरफ मंत्री श्रवण कुमार ने बैठक को बेहद अच्छा बताया और JDU में किसी तरह की नाराजगी से इनकार किया। उनका कहना था कि चुनाव जीतने की रणनीति पर चर्चा हुई और पार्टी पूरी तरह एकजुट है। नीरज कुमार ने भी यही संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर अनंत सिंह नाराज होते तो बैठक में क्यों आते। उनके मुताबिक अब पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी।

यानी तस्वीर फिलहाल यही है—पहले विरोध, फिर समर्थन का ऐलान, उसके बाद पार्टी की बैठक और अब अनंत सिंह की खामोशी। नीरज कुमार तीन बार MLC रह चुके हैं और इस बार भी JDU के उम्मीदवार हैं। ऐसे में पार्टी किसी भी अंदरूनी टकराव को चुनावी मैदान तक पहुंचने देना नहीं चाहती। अनंत सिंह सच में नीरज कुमार के सामने झुक गए हैं या यह सिर्फ सियासी खामोशी है, इसका फैसला आने वाला वक्त करेगा। लेकिन इतना जरूर है कि जिस विवाद ने JDU के भीतर चिंगारी पैदा कर दी थी, बैठक के बाद उस पर फिलहाल पानी पड़ता दिखाई दे रहा है। राजनीति में खामोशी भी कई बार बयान से ज्यादा ताकतवर होती है और अनंत सिंह की यह खामोशी अब पटना की सियासत में सबसे बड़ा सवाल बन गई है।
साझा करें:

Manthan Today

अनुभवी पत्रकार और लेखक

संबंधित समाचार

जब वाजपेयी ख़ुद ' राजधर्म 'का पालन नहीं कर सके ?पुण्यतिथि पर याद किए गए पूर्व प्रधानमंत्री
विशेष रिपोर्ट

जब वाजपेयी ख़ुद ' राजधर्म 'का पालन नहीं कर सके ?पुण्यतिथि पर याद किए गए पूर्व प्रधानमंत्री

Manthan Today•16 अगस्त 2026•84 व्यूज़
भारत ने क्या पाया, क्या खोया? आज़ादी की असली कीमत क्या है!
विशेष रिपोर्ट

भारत ने क्या पाया, क्या खोया? आज़ादी की असली कीमत क्या है!

14 अगस्त 2026•78 व्यूज़
जब पैटन टैंक गरजे, अब्दुल हमीद ने इतिहास रच दिया..!
विशेष रिपोर्ट

जब पैटन टैंक गरजे, अब्दुल हमीद ने इतिहास रच दिया..!

14 अगस्त 2026•93 व्यूज़