भाजपा की कथनी और करनी से पुरा देश अवगत है विकास का नारा देकर सत्ता में आई और विकास से कोसों दूर देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारकर लगातार विनाश की ओर ले जा रही है

मंथन डेस्क

NEW DELHI:अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता इन्तेखाब आलम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि पुरा देश जानता है कि भाजपा ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। बिहार में विद्यालय शुक्रवार को बंदी को लेकर बीजेपी द्वारा अनर्गल बयानबाज़ी के जरिए माननीय मुख्यमंत्री महोदय श्री नीतीश कुमार जी के सुशासन वाली छवि को धुमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

भाजपा की कथनी और करनी से पुरा देश अवगत है विकास का नारा देकर सत्ता में आई और विकास से कोसों दूर देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारकर लगातार विनाश की ओर ले जा रही है।देश की जीडीपी अबतक के सबसे निचले स्तर पर है पैट्रोल, डीजल खाद्य पदार्थों के कीमत आसमान छू रहे हैं।देश की करेंसी की कीमत लगातार अपने निचले स्तर पर जा रही है। कुर्सी और सत्ता पर काबिज़ रहने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण में कोई कसर नहीं छोड़ा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में शमशान और कब्रिस्तान प्रकरण के आपार सफ़लता के बाद भाजपा बिहार में शुक्रवार और रविवार के नाम पर ध्रुवीकरण की गन्दी साज़िश रच रही है।उर्दू विद्यालयों में शुक्रवार को छुट्टी होना वाकई जरूरी मुद्दा है या अनावश्यक विवाद बनाने की कोशिश!जब इस छुट्टी से शिक्षकों को छात्र छात्राओं को और अभिभावकों को कोई परेशानी नहीं है तो फिर दूर बैठे नेताओं को किस बात की चुभन हो रही है। छुट्टी पर आपत्ति करने वाले महानुभावों, आप सभी को पता तो होना चाहिए कि शुक्रवार को सिर्फ उर्दू विद्यालयों में ही अवकाश नहीं होता है।

संस्कृत महाविद्यालयों में भी प्रत्येक महिना के प्रतिपदा और अष्टमी को छुट्टी रहती है। नहीं मालूम है तो संस्कृत विश्वविद्यालय के कैलेंडर का अवलोकन कर अपना ज्ञान बढाईए, प्लीज़।साथ ही श्री इन्तेखाब आलम ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और छात्र छात्राओं की समस्याओं के समाधान को लेकर भी विमर्श कर लिया करे सत्ताधारी पार्टी। विभिन्न राज्यों में सरकारी शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान दिया जा रहा है और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कर दी गई है बिहार में भी यह व्यवस्था लागू किया जाए

बिहार के शिक्षकों को कभी समय से वेतन नहीं मिलता छात्र छात्राओं को में राशि ट्रांसफर करने की जगह किताबें प्रिंट करवाकर हाथों में दिए जाने की आवश्यकता है। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए जरूरी है कि शिक्षकों के और छात्रों के समस्याओं का समाधान हो समय पर वेतन भुगतान किया जाए।।

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