पटना/सेराज अनवर

अमीर ए शरीयत के चुनाव मुश्किल में फ़ंसता जा रहा है.नायब अमीर ए शरीयत ने अमीर के चुनाव के लिए जो तरीक़ा अपनाया है.उस पर उलेमा और मुसलमानों ने सवाल पहले से उठा रखा है.अब इस पर फ़तवा आ गया,जिसमें बैलट पेपर से चुनाव कराना,अमीर ए शरीयत के लिए ख़ुद से उम्मीदवारी पेश करना या व्यक्ति विशेष की सिफ़ारिश करना ग़ैर इस्लामी क़रार दे दिया गया है.फ़तवा में मौजूदा चुनावी प्रक्रिया को ग़ैर शरई,ग़ैर इस्लामी और इमारत के दस्तूर के खिलाफ बताया गया है.फ़तवा इमारत ए शरिया के दारूल इफ़्ता(फ़तवा विभाग)ने दिया है.इसके बाद इमारत ए शरिया में हलचल मच गयी है.चुनाव स्थगित भी हो सकता है.अभी इमारत में आपात बैठक चल रही है.इस बीच एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव रोकवाने के लिए इमारत ए शरिया में पहुंचा हुआ है.परस्तिथि विष्फोटक है. इमारत ए शरिया में अंदर मीटिंग चल रही है और बाहर एक प्रतिनिधिमंडल खड़ा है.आज रात-रात तक अमीर ए शरीयत के चुनाव पर कोई ठोस निर्णय होने वाला है.

इमारत ए शरिया दारूल इफ़्ता का फ़तवा

प्रतिनिधिमंडल में आज़मी बारी,मौलाना अबुल कलाम क़ासमी,मौलाना अंजार,तनवीर आलम,मोहसीन रज़ा आदि शामिल हैं.आज़मी बारी ने समय मंथन से कहा कि अमीर ए शरीयत का जो तरीक़ा कार अपनाया गया है,वह सरासर ग़ैर इस्लामी है.इमारत ए शरिया के दस्तूर के खिलाफ भी है .उन्होंने कहा कि नायब अमीर ए शरीयत मौलाना शमशाद रहमानी से प्रतिनिधिमंडल मिल कर यह कहने आया है कि चुनाव को तुरंत रोकें और दस्तूर के मुताबिक़ फ़्रेश चुनाव करायें.अन्यथा मामला अदालत में जायेगा,और किसी अनहोनी की जवाबदही नायब अमीर ए शरीयत की होगी.आज शाम में हई कॉम्प्लेक्स एग्जिबिशन रोड मुस्लिम बुद्धिजीवियों की बैठक में तय पाया कि एक प्रतिनिधिमंडल इमारत ए शरिया के ज़िम्मेदार से मिल कर क़ौम की बेचैनी से आगाह कराये और ग़ैर इस्लामी,ग़ैर दस्तूरी चुनाव को स्थगित करने को कहे,अन्यथा मामला अदालत में जायेगा.

फ़तवा का दूसरा पृष्ठ

जनता दल राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय संयोजक अशफाक़ रहमान ने भी चुनाव को पेचीदा बनाने पर सख़्त प्रतिक्रिया दी है.उन्होंने कहा है कि पटना को नज़रअंदाज़ कर बाढ़ में बूथ बनाना बेहद नाजायज़ फ़ैसला है.चुनाव आयोग भी मतदाताओं के सुविधा के लिए नज़दीक में पोलिंग बूथ बनाता है.इमारत ए शरिया तो उससे भी आगे निकल गयी है.सांसद और विधायक के लिए दस प्रस्तावक की जरूरत पड़ती है.जबकि अमीर ए शरीयत की उम्मीदवारी के लिए 151 प्रस्तावक तय किया गया है.यह मुकम्मल तौर पर नैतिकता के विरुद्ध,आलोकतंत्रिक और ग़ैर संवैधानिक है.अशफ़ाक़ रहमान ने कहा कि चुनाव को जटिल बनाने की बजाय नामवर शख़्सियत को अमीर ए शरीयत सर्वसम्मति से चुन लिया जाये.इसमें मौलाना ख़ालिद सैफुल्लाह रहमानी भी हो सकते हैं.अशफाक़ रहमान की राय को मंगलवार को देश भर के उर्दू अख़बारों ने प्रकाशित किया है.

उर्दू दैनिक में अशफ़ाक़ रहमान की प्रकाशित ख़बर

इस बीच इमारत ए शरिया के शूरा(हेड बॉडी)के अहम सदस्य और इमारत ए शरिया ट्रस्ट के ट्रस्टी मोहम्मद जावेद इक़बाल एडवोकेट ने भी चुनाव को स्थगित करने की मांग की है.उन्होंने नायब अमीर ए शरीयत के नाम खुला ख़त में शूरा का इजलास बुलाने की सलाह दी है और अमीर ए शरीयत का चुनाव पटना में करने की मांग की है.

नायब अमीर ए शरीयत के नाम जावेद इक़बाल का खुला ख़त

अमीर ए शरीयत के चुनाव को लेकर देश भर के मुसलमानों में हलचल है.इमारत ए शरिया दारूल उलूम देवबंद,बरेलीशरीफ के बाद मुसलमानों का सबसे बड़ा धार्मिक संस्था है.भारत के सियासी और सामाजिक गलियारों में भी इसका गहरा प्रभाव है.अमीर ए शरीयत का चुनाव बिहार का सबसे हॉट मुद्दा बना हुआ है.

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