बेगूसराय/कौनैन अली

बिहार के बेगूसराय जिले से एक ऐसी खबर सामने आयी है.जिसकी आप कभी कल्पना भी नहीं कर सकते.यह हम नहीं कह रहे हैं एक वायरल वीडियो ने मुस्लिम समाज को शर्मसार कर दिया है.वाक़या गढ़पुरा थाना क्षेत्र के कोरई गांव का है. क़ाज़ी के द्वारा एक नाबालिग (14 वर्ष ) मासूम बच्चे का जबरन निकाह करा दिया.बच्चे का निकाह कोई गुपचुप तरीके से भी नहीं हुआ बल्कि एक भरी पंचायत में मुखिया जी के निगरानी में इस ग़ैरक़ानूनी काम को अंजाम दिया गया.जी हां,वही मुखिया जिस पर पंचायत की व्यवस्था संभालने का दायित्व दिया गया है.मगर मुखिया जी ही जब अनर्थ पर उतारू हो जाये तो क्या कहेंगे? इस करतूत का गवाह पूरा समाज बना ,किसी ने रोकने-टोकने की हलका सा प्रयास भी नहीं किया.समाज की निर्लजता तो यह देखने को मिली की निकाह के समय रोते-बिलखते बच्चे को बचाने की बजाय लोगों ने उसका खूब मज़ाक़ उड़ाया. इस बाल विवाह का मास्टरमाइंड मुखिया जी जो ठहरे.मुखिया तो मुखिया गांव के क़ाज़ी ने भी मासूम बच्चे का निकाह पढ़ाने से परहेज़ तक नहीं किया. एक वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह से क़ाज़ी बच्चे का जबरदस्ती निकाह कबूल करने को कह रहा है.निकाह के बाद जोड़े की सलामती के लिए इधर काजी समेत लोग दुआएं मांग रहें थे,उधर भरी महफिल में शादी से नाराज बच्चा अबू तालिब ने दूल्हे का जोड़ा उतार दिया.ऐसी दुआएं किस काम की जो मजहब और कानून की असूल के खिलाफ हो.
मिली जानकारी के मुताबिक वीडियो में दिखने वाला बच्चा कुरई गांव के रहने वाले मो..जसीम अंसारी के 14 वर्षीय पुत्र मो. अबू तालिब है.जिसकी शादी बीते 23 जुलाई को जबरदस्ती इसी गांव के रहने वाले मो.हसीब अंसारी की 22 वर्षीय रूबी खातून से हुई है.शादी के बाद से ये नासमझ बच्चा अपने घर में ही छुपा है.जिससे बच्चे की मां और बाप इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है.बच्चे का आधार कार्ड के अनुसार उम्र 14 वर्ष ही है.जिससे लड़की की उम्र के तुलना में बच्चा 8 वर्ष के छोटा है.मालूम हो कि नीतीश कुमार की सरकार ने बाल विवाह रोकने के लिए अभियान चला रही है. बावजूद इसके समाज के कुछ नासूर तत्वों बाल विवाह जैसी घिनौनी हरकत को अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे हैं.अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले पर मुखिया और क़ाज़ी पर क्या करवाई करती है?

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