पटना/मंथन डेस्क

पूर्व सांसद डा. मोनाजिर हसन ने कहा है कि सभी तबकों के विकास के लिए जातीय आधार पर जनगणना जरूरी है.इससे सभी धर्म और जाति से जुड़े लोगों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा.इसालिये जातीय जनगणना कराई जानी चाहिए.
प्रेस बयान जारी कर उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना से मुसलमानों, पिछड़ों, सवर्णों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जो जातियां हैं, उनकी वास्तविक संख्या और स्थिति की जानकारी मिल सकेगी.

इससे सरकार को विकास से वंचित लोगों के लिए योजना बनाने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि आज की तारीख में वर्ष 1931 की जनगणना के आधार पर सरकार की योजनाएं बने तो यह त्रुटिपूर्ण है.इसमें सुघार वर्ष 2021 में नहीं हुआ तो फिर अगला जनगणना 2031 में होगा.इस दौरान काफी वक्त लग जाएगा.उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उठाये गए इस मांग को मान लिया जाए और देश भर में जातीय आधारित जनगणना कराने का आदेश दिया जाए.

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