बेगूसराय/कौनैन

ये है बिहार का श्रीकृष्ण सेतु मुंगेर गंगा पुल, गंगा नदी के बीचो बीच एक रेल-सह-सड़क पुल है.यह पुल मुख्य रूप से मुंगेर और बेगूसराय जिला के सीमाओं के बीच है.जो उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों को जोड़ता है.इसमें मुंगेर,बेगूसराय,भागलपुर,लखीसराय,जमुई,पटना, खगड़िया शामिल है.श्रीकृष्ण सेतु मुंगेर गंगा पुल बिहार में गंगा पर तीसरा ऐसा पुल है जहां रेल और सड़क दोनों पुल है.जिसकी कुल लंबाई
3.692 किलोमीटर है.लेकिन 5 वर्षों से रेल पुल पर ट्रेन का परिचालन चालू है.मगर अब तक सड़क पुल चालू नहीं हो पाया है.जिससे बेगूसराय और मुंगेर जिले के लोग जान जोखिम में डालकर चालू रेल पुल के सहारे आना जाना करते हैं.जो एक जोखिम भरा यात्रा है.

पर्यटन के दृष्टि से देखें तो ये रेल सह सड़क पुल के नीचे मौजूद लंबी गंगा की दरिया और सुंदर वनों से आच्छादित भरे इलाके काफी अहम है.
अगर सरकार इन जगहों को पर्यटन के रूप में विकसित करे तो पर्यटकों के लिए बेहतर होगा.अभी लोग आधा अधूरा सड़क पुल को ही अपना पर्यटक स्थल बना चुके हैं.ये पुल का दक्षिणी छोर का बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल प्रखंड क्षेत्र में मुंगेर घाट से प्रचलित है.जहां अधिक संख्या में हिंदू धर्म के लोग मुंडन और दाह संस्कार करने आते हैं.वहीं घूमने के दृष्टि से देखा जाय खासकर युवा वर्ग के लोग इन जगहों का नजारा करने के लिए काफ़ी उत्साहित होते हैं.काफी संख्या में महिला,बुजुर्ग,बच्चे,युवा लोग गंगा नदी के बीच बने लंबा पुल और आस पास के सुंदर इलाकों को देखने आते हैं और फोटो शूट करते हैं.इस श्री कृष्ण सेतु का उद्घाटन वर्ष 2002 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने रिमोट से किया था.इस पुल को बनाने में करीब 9300 करोड़ से अधिक रुपए की लागत लगी है.जो अब भी आधा अधूरा ही है.

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