बिहारशरीफ / डॉ अरुण कुमार मयंक

नालन्दा जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज बिहारशरीफ के हरदेव भवन में जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई. डीएम ने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के लिए कई कड़े निर्देश दिए.इस बैठक में डीएम ने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 3 या 3 से अधिक लोगों के घायल या मृत्यु होने के पश्चात एक संयुक्त जांच किया जाए, जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल मौजूद होंगे. साथ ही जिला परिवहन पदाधिकारी को सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए किए गए सुरक्षात्मक उपाय करने का निर्देश दिया है. नालंदा जिले में परिवहन विभाग के द्वारा 5 चालक शिक्षण संस्थान खोले जा रहे हैं, जिसमें सरकार के द्वारा 2000000 अनुदान की राशि दी जा रही है. इसमें गाड़ी चालक को ड्राइविंग का पूर्णत: प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिला परिवहन पदाधिकारी को दुर्घटना की स्थिति में या अन्य आवश्यकतानुसार गाड़ी के लोकेशन पता करने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस का उपयोग करने को कहा है.


पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष वाहन जांच अभियान के दौरान एक करोड़ रुपए से ज्यादा जुर्माना प्राप्त हुआ है. उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में लगभग 70% बाइक सवार ही हेलमेट का प्रयोग करते हैं. ग्रामीण क्षेत्र में यह प्रतिशत और भी कम है. इस पर जिला पदाधिकारी ने भारी नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिया कि हेलमेट का जांच अभियान ओर तेजी से चलाया जाए ताकि सड़क दुर्घटना से हुई क्षति को कम की जा सके. दुर्घटना करने वाले वाहन चालक को उचित दंड देने के अलावा उसे ड्राइविंग के लिए सही प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए.
जिला पदाधिकारी महोदय ने बताया कि दुर्घटना के दौरान घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने में सहायता करने वालों को 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि हाईवे पर अधिक से अधिक गति राडार को विस्थापित किया जाए, ताकि तेज गति के कारण सड़क दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके.


श्री सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि कक्षा 6 और उससे ऊपर के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया जाए और शिक्षकों को यातायात पुलिस के साथ इस पर परिचर्चा भी आयोजित की जाए.
डी एम ने सिविल सर्जन को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्राथमिक स्वास्थ्य की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, जिससे सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की जान बचायी जा सके. सिविल सर्जन को इस कार्य के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नर्स की पदस्थापना करने का निर्देश भी दिया है.


उन्होंने कार्यपालक अभियंता को जिला में प्रत्येक सड़क पर गड्ढों और ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर उस उसे मरम्मत करने का निर्देश दिया है, उन्हें साईनेज, इंडिकेटर और स्ट्रीट लाइट को मरम्मत करने का निर्देश भी दिया है. इसके अतिरिक्त जिला शिक्षा पदाधिकारी को जागरूकता फैलाने के लिए सड़क सुरक्षा दूत का भी चयन करने का निर्देश दिया.
इस बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल आदि मौजूद थे.

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