अपने शहर और अपनी सरज़मीं पर इज़्ज़त अफ़्जाई की बात अलग है.दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने बाद उमैर खान उर्फ टिक्का खान बुधवार को गया लौटे तो जिला कांग्रेस की सियासत में उबाल आ गया.

गया/मंथन डेस्क

अपने शहर और अपनी सरज़मीं पर इज़्ज़त अफ़्जाई की बात अलग है.दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने बाद उमैर खान उर्फ टिक्का खान बुधवार को गया लौटे तो जिला कांग्रेस की सियासत में उबाल आ गया.टिक्का खान के स्वागत के लिए पार्टी कार्यालय राजेंद्र आश्रम में बहुत दिनों बाद सभी दिग्गज नेताओं का जुटान हुआ.पूर्व मंत्री अवधेश सिंह उपस्थित रहे तो वरिष्ठ नेता बाबु लाल सिंह,विजय कुमार मिट्ठु भी दिखे.कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद यादव की उत्साह भी कम न थी.टिक्का खान के कांग्रेस जॉइन् करने से ज़िले की राजनीति का मंजरनामा बदल गया है.

ग़ौरतलब है कि टिक्का खान बिहार की राजनीति में एक बड़ा मुस्लिम चेहरा हैं.पूर्व सांसद पप्पू यादव की पार्टी जन अधिकार पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रवक्ता थे.जब जाप शिथिल हो गयी और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ गोलबंदी तेज हुई है तो बड़े कैनवास पर लड़ाई का गवाह बनने के लिए टिक्का खान भी कूद पड़े.टिक्का खान ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष गोलबंद हुआ है.राहुल और प्रियंका जी ने राष्ट्रीय स्तर पर लोगों को कांग्रेस से जोड़ने के लिए भाई इमरान प्रतापगढ़ी को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कमान सौंप बड़ी ज़िम्मेदारी दी है.

राजेंद्र आश्रम में आयोजित स्वागत समारोह में सैंकड़ों युवा भी शामिल हुए.शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ क़ाफ़िला में राजेंद्र आश्रम पहुंचा.क़ाफ़िला के आगे-आगे बड़ी संख्या में बाइक पर समर्थक नारा लगाते चल रहे थे.कांग्रेस के सभी नेताओं ने कहा कि टिक्का खान के आने से पार्टी मज़बूत होगी.टिक्का खान जूझारू और विचारधारा के मज़बूत हैं.कांग्रेस पार्टी को ऐसे मुस्लिम नेताओं की ज़रूरत है जो समुदाय पर पकड़ रखता हो और पार्टी के संदेश को घर-घर पहुंचा सके.जिला कांग्रेस में टिक्का खान के नेतृत्व क्षमता से नयी ऊर्जा का संचार हुआ है.

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