पटना/मंथन डेस्क

मध्य बिहार के AMU से जाने जानी वाली गया स्थित मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज शासी निकाय के सचिव शब्बी आरफीन शम्शी को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान के लिए बंगाल में आयोजित एक शानदार समारोह में नवाज़ा गया है.शब्बी को इससे पूर्व भी कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है.उन्हें मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज को पटरी पर लाने का श्रेय जाता है.उनकी अंथक मेहनत से आज मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज बुलंदी पर खड़ा दिखता है.

गांधी जयंती पर शनिवार को कोलकाता में आयोजित 10 वां लिटरेसी अवेयरनेस कॉन्फ़्रेन्स में शब्बी शम्शी को गेस्ट ऑफ़ ऑनर बनाया गया था.इस समारोह में कोलकाता हाईकोर्ट के जज सुखदेव सिंह आनंद,सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस की यूथ लीडर स्वर्नली डे मिश्रा सहित सभी वर्ग की चुनिंदे शख़्शितों की मौजूदगी थी.इसका आयोजन सरपरस्त नाम की संस्था ने किया था.इसमें एक विज़न डॉक्युमेंट रखा गया कि 2036 तक बिना भेदभाव और भाषा के सभी वर्ग के लोगों को शिक्षित कर देना है.जाति-धर्म कोई हो,भाषा की भी पाबंदी नहीं.पढ़ना और पढ़ाना लाज़मी है.

कोलकाता से लौटने के बाद समय मंथन को शब्बी शम्शी ने बताया कि कोलकाता में यह मुहिम ज़ोर पकड़ चुकी है और बिहार में इसे आगे बढ़ाना है.उन्होंने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार इस मुहिम में पीछे नहीं रहेगा,हमारी जहां जरूरत होगी सहयोग करने को तैयार हैं.इंस्टिट्यूशन खोलने के लिए ज़मीन भी मुहैया करायी जायेगी.बिहार में हम इस मुहिम को आगे ले जायेंगे.शिक्षा समाज की जरूरत है.शिक्षा से ही एक विकसित समाज का निर्माण होता है.बंगाल में मोहम्मद महबूब रज़ा सिद्दीक़ी ने इस मुहिम को आगे बढ़ाया है.बिहार में शब्बी शम्शी भी शिक्षा जगत की मशहूर शख़्सियत बन गये हैं.जिस तरह से मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में उन्होंने आमूलचूल परिवर्तन लाया है उसकी सभी प्रशंसा करते हैं.समारोह में उन्हें प्रशस्तिपत्र,ट्राफ़ी और दुशाला उढ़ा कर सम्मानित किया गया.

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