बिहारशरीफ/डॉ अरुण कुमार मयंक

भारतीय संस्कृति के प्रेरणा पुंज स्वामी विवेकानंद की 119 वीं पुण्यतिथि आज बिहारशरीफ के बबूरबन्ना में “शंखनाद” की ओर से सरदार वीर सिंह की अध्यक्षता में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत मनाई गई.शंखनाद के साहित्यकारों ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आशुतोष कुमार मानव ने कहा कि स्वामी जी के विचार आज न केवल प्रासंगिक हैं, बल्कि उपादेय भी हैं.भारतवर्ष का स्वर्णिम भविष्य इन्हीं मार्गों से होकर गुजरता है, इसलिए विवेकानंद के पथ का हमें अनुसरण करना पड़ेगा.


इस अवसर पर ‘शंखनाद के सचिव राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे.स्वामी विवेकानंद मानव चरित्र बनाने वाली शिक्षा के पक्षधर थे.देश की समस्याओं के लिहाज से विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक बने हुए हैं.आज के दौर में स्वामी विवेकानंद पुनः इस धरा पर अवतरित हों, तो उन्हें नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा.
अध्यक्षता करते हुए सरदार वीर सिंह ने कहा कि स्वामीजी का जीवन अनुकरणीय है.युवाओं को उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने लोगों को समाजसेवा का संदेश दिया है.इस मौके पर शिक्षाविद डॉ आनंद वर्द्धन, समाजसेविका सविता बिहारी, मीडिया प्रभारी नवनीत कृष्ण, समाजसेवी धीरज कुमार, नितिन कुमार, नीरू सहित कई लोग उपस्थित रहे.

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