डॉ अरुण कुमार मयंक/बिहारशरीफ

प्रेमचंद महानतम भारतीय लेखकों में से एक हैं. इन्हें हिन्दी साहित्य का कथानायक और उपन्यास सम्राट भी कहा जाता है. प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी के लमही गाँव में हुआ था. प्रेमचंद का मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव था.


यह उद्गार नालंदा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार अकेला ने आज बिहारशरीफ में हिन्दी कथा के महान रचनाकार
मुंशी प्रेमचंद के130वें जयन्ती समारोह में व्यक्त किया. उन्होंने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि प्रेमचंद एक क्रांतिकारी रचनाकार थे. उन्होंने समाज में व्याप्त अनेक कुरीतियों को देखा और उनको कहानी के माध्यम से लोगों के समक्ष रखा. उन्होंने उस समय के समाज की समस्याओं को कथाओं के माध्यम से चित्रित किया. मुंशी प्रेमचंद हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय साहित्यकारों में से हैं. उन्हें ‘उपन्यास सम्राट” की उपाधि से सम्मानित हुए. उन्होंने कुल 15 उपन्यास, 300 से कुछ अधिक कहानियां, 3 नाटक,10 अनुवाद, 7 बाल पुस्तकें तथा हजारों पृष्ठों के लेख संपादकीय, भाषण, भूमिका, पत्र आदि रचना की.


इस अवसर पर नालंदा जिला खुदरा व्यवसायिक संघ के जिलाध्यक्ष संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि
जो प्रतिष्ठा उपन्यास और कहानियों से प्राप्त हुई अन्य विधाओं से प्राप्त नहीं हो सकी. वे हिंदी और उर्दू दोनों भाषा के महान रचनाकार थे.
जयंती समारोह में चैम्बर के वरिष्ठ पदाधिकारी में महेंद्र प्रसाद, युवा नेता रौशन गुप्ता, आशीष कुमार, रामचंद्र प्रसाद, राजेश ठाकुर, चिंटू कुमार, पप्पू गुप्ता, फुटपाथ दुकानदार संघ के अध्यक्ष सत्य नारायण प्रसाद, कमल राम आदि लोगों ने भाग लिया.

2 thoughts on “महानतम भारतीय लेखकों में से एक हैं प्रेमचंद : अनिल अकेला”
  1. मंथन धीरे धीरे वक़्त की जरूरत बनता जारहा है
    दिन दूनी रात चौगुनी की दोवा करता हूँ
    अरिफ हुसैन
    पूर्व उपाध्य छ 15 सुत्री कार्य क्रम बिहा सरकार

  2. मंथन धीरे धीरे वक़्त की जरूरत बनता जारहा है
    दिन दूनी रात चौगुनी तरक़्क़ी की दोवा करता हूँ
    अरिफ हुसैन
    पूर्व उपाध्य छ 15 सुत्री कार्य क्रम बिहा सरकार

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