बिहारशरीफ/डॉ अरुण कुमार मयंक

तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद का नालन्दा के विभिन्न प्रखंडों में मिला-जुला असर देखने को मिला. बंद का असर सबसे अधिक असर करायपरसुराय, हिलसा, रहुई, राजगीर व बिहारशरीफ में देखने को मिला. हिलसा व कराय परसुराय में सुबह-सवेरे ही बंद समर्थकों ने जुलूस निकाला तथा अलग-अलग जगहों पर सड़क को जाम कर नारेबाजी की. बिहारशरीफ में दोपहर 12 बजे के बाद ही यातायात सेवा बहाल हो सकी.


बिहारशरीफ में NH जाम, शहर में मिला-जुला असर
भारत बंद के दौरान बिहारशरीफ नगर में दोपहर 12 बजे तक बंद का मिला-जुला असर दिखा. दुकानें बंद रहीं, सड़कों पर ट्रैफिक भी कम ही दिखा. शहर में प्रदर्शन का मुख्य केंद्र अस्पताल चौराहा रहा, जहां सुबह से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता-कार्यकर्ता आते रहे. भाकपा, माकपा व भाकपा (माले) के अलावा पप्पू यादव की जाप, भीम आर्मी, राजद और कांग्रेस से जुड़े संगठनों के लोग प्रदर्शन करते रहे. अस्पताल मोड़, अम्बेदकर चौराहा और कारगिल चौक पर वामपंथी दलों, राजद और कांग्रेस समर्थकों ने ट्यूब-टायर जला कर रोड जाम कर दिया तथा पटना-रांची रोड व एन. एच 20 की हाई वे पर अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शन किया.

इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से गर्मागर्म बहस भी हुई. दोपहर 12 बजे के बाद अस्पताल चौराहा और आस-पास के इलाकों में ट्रैफिक सामान्य हो गया.आज के भारत बंद के आंदोलन में किसान नेता शिव कुमार यादव उर्फ सरदार जी, भाकपा के रामनरेश प्रसाद सिंह, मोहन प्रसाद, रमेश पंडित, राजकुमार, माकपा के जनार्दन प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, रविन्द्र प्रसाद सिंह, भाकपा (माले) के पाल बिहारी लाल, मकसूदन शर्मा, अनिल पटेल, सुनील कुमार,
राजद के अशोक कुमार हिमांशु, हुमायूं अख्तर तारिक़, ई सुनील यादव, पप्पू यादव, कांग्रेस के दिलीप कुमार, पूर्व विधायक रवि कुमार ज्योति, जाप के शेखर यादव तथा भारतीय क्रांतिकारी किसान संघ के राजेन्द्र प्रसाद, चंद्रशेखर प्रसाद व शम्भू प्रसाद आदि ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया.

नालंदा में सुबह से ही राजद, जाप, रालोसपा के कार्यकर्ता एनएच 20 पर उतर आए और कृषि बिल के विरोध में प्रदर्शन करने लगे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन परिचालन को भी रोकने की कोशिश की. राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस को राजद कार्यकर्ताओं ने पावापुरी हॉल्ट पर रोकने की कोशिश की. ट्रैक पर कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन करने के दौरान जब ट्रेन आई तो कोहरे के कारण चालक को दिखा नहीं. इसलिए कार्यकर्ताओं को ट्रैक से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी. हालांकि किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है.

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