पटना/कमला कान्त पांडेय

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़े धनकुबेर कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर छापेमारी की है. छापेमारी में अकूत संपत्ति का पता चला है. राजधानी पटना के पुनाईचक मोहल्ले में इंजीनियर के आवास पर छापेमारी की गई. छापेमारी में नोटों की गड्डी-बैंक अकाउंट पासबुक व अन्य कागजात देख विजिलेंस ब्यूरो अचंभित हो गया है. इंजीनियर रविन्द्र कुमार के घर पर करीब 75 लाख रू नकद, 30 के करीब बैंक पासबुक, बीमा-जमीन के 10 पॉलिसी समेत कई अन्य दस्तावेज मिले हैं.निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच अभी जारी है. निगरानी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंजीनियर रविन्द्र कुमार ने छापेमारी टीम की भनक लगते ही कुछ संपत्ति के कागजात व पैसे को इधर-उधर करने की कोशिश की है. इसकी भी निगरानी जांच कर रही है. नोटों की गिनती के लिए बैंक से मशीन मंगाई गई है.

सनद रहे कि पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता हाजीपुर में पदस्थापित था. 22 जून 2021 को ही उसका स्थानांतरण बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन पटना में किया गया था.इधर, पथ निर्माण विभाग में पकड़ वाले इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी के बाद हड़कंप मच गया है. इस इंजीनियर की विभाग में काफी चलती थी. हमेशा महत्वपूर्ण जगह पर पोस्टिंग मिलती थी. इसके पीछे की वजह जान कर आप चौंक जायेंगे. धनकुबरे कार्यपालक अभियंता रविन्द्र कुमार के सिर पर एक बड़े नेता का वरदहस्त था. बताया जाता है कि इंजीनियर रविन्द्र कुमार भाजपा कोटे से मंत्री रहे और वर्तमान में विधायक का रिश्तेदार है. जानकारी के अनुसार वो पूर्व मंत्री का दूर का दामाद है. वैसे पूर्व मंत्री का एक और खासमखास कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर भी दो साल पहले छापेमारी हुई थी जिसमें करोड़ों रूपये मिले थे.


निगरानी ब्‍यूरो के डीएसपी सर्वेश सिंह छापेमारी अभियान का नेतृत्‍व कर रहे हैं. उनके अनुसार आय से अधिक करीब डेढ़ करोड़ की संपत्ति बरामद की गई है. बरामद नगद व अन्‍य चीजें बढ़ सकती हैं. विदित हो कि निगरानी ब्‍यूरो बीते कुछ समय से भ्रष्‍टाचार के खिलाफ अभियान चला रहा है. इसके तहत धन-कुबेर अधिकरियों के खिलाफ अभियान जारी है. इसके पहले निगरानी ब्‍यूरो ने हाल ही में मुजफ्फरपुर में पदस्‍थापित डीटीओ के पटना स्थित आवास पर छापेमारी की थी.

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