बिहारशरीफ/डॉ अरुण कुमार मयंक

नवादा जिला में दशकों तक कद्दावर नेता व दबंग विधायक रहे पूर्व मंत्री आदित्य सिंह की विरासत को कौन संभालेगा — यह सवाल उनके दिवंगत होने के बाद से ही नरहट से लेकर हिसुआ तक लोगों के जेहन में कौंधते रहा है I कतिपय राजनीतिक कारणों से पिछले कुछ वर्षों में आदित्य सिंह की सियासी विरासत मिटती सी प्रतीत हो रही थी.लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव में उनकी बड़े पुत्र पप्पू सिंह की पत्नी नीतू कुमारी ने महागठबंधन प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल कर हिसुआ विधानसभा क्षेत्र को फिर से सुर्ख़ियों में ला दिया है.


2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेसी टिकट से वंचित आदित्य सिंह के छोटे पुत्र सुमन सिंह की पत्नी आभा देवी अब हिसुआ पश्चिमी क्षेत्र से जिला परिषद् का चुनाव लड़ने की घोषणा कर प्रचार में जुटी हैं .वहीं आदित्य सिंह के भांजा नागेन्द्र कुमार उर्फ़ फुटुस जो मनवाँ के रहने वाले हैं इस बार हिसुआ पूर्वी क्षेत्र से जिला परिषद् चुनाव लड़ने का एलान-ए-जंग कर चुके हैं. फुटुस सिंह के हिसुआ पूर्वी क्षेत्र के सघन दौरा करने से आदित्य सिंह की बड़ी पुत्रवधू विधायक नीतू कुमारी अपने को सांसत में महसूस कर रही हैं, क्योंकि उनके अत्यंत निकटवर्ती चुन्नू सिंह भी हिसुआ पूर्वी से ही चुनाव लड़ रहे हैं.

ऐसी परिस्थिति में नीतू कुमारी की गति सांप-छछूंदर वाली सी हो गयी है.हिसुआ के लोगों की मानें तो फुटुस सिंह पूर्व में अपने मामा आदित्य सिंह और उनकी पुत्रवधू विधायक नीतू कुमारी की चुनाव कमान संभालते रहे हैं.इतना ही नहीं, फुटुस सिंह के भाई अनोज कुमार भी एनएसयूआइ के नालन्दा जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और कांग्रेस की सियासत में अपनी अलग पैठ रखते हैं.इस कारण नालन्दा के कई सियासी लोग फुटुस सिंह को सहयोग कर रहे हैं.हिसुआ के लोगों का कहना है कि फुटुस सिंह धनी व्यक्तित्व के मालिक हैं और अपनी बात से कभी डिगते नहीं हैं. एक बार जो ठान लेते हैं , उसे पूरा करके ही दम लेते हैं. फुटुस सिंह को नवादा जिला के विधायकों व पूर्व विधायकों का समर्थन भी मिल सकता है.अभी तक की स्थिति में फुटुस सिंह द्वारा अभी से ही क्षेत्र के सघन दौरा करने से और बड़ी पुत्रवधू आभा देवी के जिला परिषद् चुनाव लड़ने से हिसुआ की सियासत में एक नई इबारत लिख सकता है.

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