नवादा/मंथन डेस्क

पंचायत चुनाव अब परवान चढ़ने लगा है.उम्मीदवारों की मुहिम भी तेज पकड़ रही है.नरहट पंचायत से मुखिया प्रत्याशी एहतेशाम उर्फ गुड्डु प्रचार-प्रसार में ज़बरदस्त बढ़त बनाये हुए हैं.जिससे प्रतिद्वंदियों की नींद उड़ी हुई है और गुड्डु को बदनाम करने की साज़िश रच रहे हैं.हालांकि,साज़िश को दरकिनार कर गुड्डु ने अपनी चुनावी मुहिम और तेज कर दी है.विरोधियों की साज़िश उनकी हिम्मत और हौसले को डिगा नहीं पा रही है.

गुड्डु ने चुनाव लड़ने की घोषणा के साथ ही ख़ुशहाल और विकसित नरहट का रोडमैप रखा है.जिससे प्रतिद्वंदियों में बौखलाहट है.गुड्डु कहते हैं कि विरोधियों के पास नरहट के विकास का कोई एजेंडा नहीं है.विकास के मुद्दे पर हम बहस को तैयार हैं.हम विकास का एजेंडा रख कर ही चुनाव लड़ रहे हैं.दूसरे लोगों को भी बताना चाहिए उनके पास विकास का एजेंडा क्या है?कुछ लोग मनगढ़त बता रहे कि फ़लां यूनिवर्सिटी से पढ़ें हैं,यह बिलकुल झूठ है.गुड्डु कहते हैं कि हम गांव के बेटा हैं.हम इस मिट्टी में पले-बढ़े हैं.नरहट ही मेरा सबकुछ है.बौखलाहट की एक वजह यह भी है.

एक दशक से वह सामाजिक कार्यों में लीन रहे हैं.गुड्डु की चर्चा उनके व्यावहारिक स्वभाव को लेकर अधिक है.लोग बताते हैं कि गुड्डु सामाजिक कार्यों के अलावा ग्रामीणवासियों के दुःख-सुख के साथी रहे हैं.गुड्डु की माने तो चुनाव लड़ने के पीछे उनका उद्देश्य नरहट को एक माडल पंचायत बनाना है.कई लोगों को चुनावी वैतरणी पार लगाने वाले गुड्डु के चुनाव में कूद पड़ने से नरहट का सियासी पारा गरम है.देखना शेष है कि अपने विरुद्ध हो रहे साज़िश को गुड्डु कैसे भेद पाते हैं.वैसे माना जाता है कि किसी भी साज़िश से विचलित होने वालों में गुड्डु नहीं हैं.फ़िलहाल उनके प्रचार-प्रसार का दमख़म तो यही बता रहा है.

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