पटना/सेराज अनवर

इमारत ए शरिया में माहौल तनावपूर्ण है.फ़तवा ने सौ साल के संगठन की विश्वसनीयता को मुश्किल में डाल दिया है.दारूल इफ़्ता के फ़तवा को चुनौती देना स्वंय इमारत ए शरिया के लिए घातक होगा.यदि फ़तवा के साथ कोई छेड़छाड़ किया गया या दबाव बना कर फ़तवा पलटवाया गया तो इमारत ए शरिया का वजूद ही ख़तरे में पड़ जायेगा?क्योंकि,इमारत की बुनियाद दारूल इफ़्ता पर टिकी है.

फ़तवा क्या आया है?

मुफ्ती सुहैल अहमद क़ासमी ने मौजूदा चुनावी प्रक्रिया,जिसमें अमीर ए शरीयत के लिए 151 प्रस्तावक को ग़ैर इस्लामी यानी शरीयत के खिलाफ बताया है.मुफ्ती सुहैल ने यह फ़तवा दरभंगा के जमालपुर,सुपौल निवासी मोहम्मद नेमतुल्लाह क़ासमी ने यह फ़तवा मांगी थी.इस फ़तवा के बाद चुनाव कराने वाली दस सदस्यीय कमिटी में खलबली मच गयी है.इमारत के सामने अब भारी संकट पैदा हो गया है.आरोप है कि दिवंगत अमीर ए शरीयत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी के अमेरिकन रिटर्न बेटे अहमद वली फ़ैसल रहमानी को ज़बरन पद पर बैठाने के लिए उनके समर्थकों ने 151 प्रस्तावक की रणनीति रची थी.ताकि दूसरा उम्मीदवार ही न आ सके.यह उन पर ही भारी पड़ गयी है और मुस्लिम समाज में षड्यंत्रकारियों की काफी थू थू हो रही है.

अब रास्ता क्या बचा है?

फ़तवा विभाग और शरीयत के तहफ़्फ़ुज व विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए दारूल इफ़्ता के फ़तवा को स्वीकार कर तुरंत चुनाव को स्थगित कर देना चाहिये.कुछ दिनों के बाद पटना में एक ही सेंटर पर अरबाब हल व अक़्द(मतदाता,जिसकी संख्या 851 है)की मीटिंग बुलायी जाये और दस्तूर के मुताबिक़ अमीर ए शरीयत का चुनाव प्रक्रिया को पूरा किया जाये.अमीर चुनने का अख़्तियार पूरी तरह से हल व अक़्द पर छोड़ दिया जाये,वे अपना अमीर जिन्हें चुन लें.पूर्व में अमीर ए शरीयत का चुनाव ज़ुबानी हुआ करता था.सर्वसम्मति से ही अमीर ए शरीयत चुनना क़ौम के हक़ में है.ऐसी कई मिसालें हैं जब तकरार हो जाने पर आपसी सहमति बनी है.मौलाना नेजामुद्दीन और मौलाना वली रहमानी के बीच अमीर ए शरीयत को लेकर भारी तकरार हो गया था.तब वली रहमानी ने अपना नाम वापस ले लिया था.फ़तवा की रौशनी में सबसे पहले दस सदस्यीय कमिटी को भंग करना होगा.नायब अमीर ए शरीयत मौलाना शमशाद रहमानी को भी पद छोड़ना पड़ सकता है.वह इस चुनाव के रिटरनिंग ऑफिसर हैं.

मामला अदालत में भी जा सकता है

यदि चुनाव स्थगित नहीं हुआ तो मामला अदालत में जा सकता है.इमारत ए शरिया के दारूल क़ज़ा में भी मुक़दमा दर्ज करने की पहल तेज हुई है.एक बजे एक प्रतिनिधिमंडल नायब अमीर ए शरीयत से मिलकर चुनाव को स्थगित करने का अल्टीमेटम देगा.कल रात में भी प्रतिनिधिमंडल इमारत ए शरिया पहुंचा था मगर नायब अमीर ए शरीयत निकल गये थे.कार्यवाहक नाज़िम मौलाना शिब्ली अल क़ासमी से प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजद विधायक मोहम्मद नेहाल उद्दीन,आज़मी बारी,नजमुल हसन नज़्मी,तनवीर रिज़वी आदि की मुलाक़ात हुई थी.आज़मी बारी ने बताया कि आज नायब अमीर ए शरीयत से भेंट कर स्पष्ट कहा जायेगा कि चुनाव स्थगित करें अन्यथा हम कोर्ट जायेंगे.

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