New Delhi:भारत के महान धावक मिल्खा सिंह नहीं रहे,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक.वे 91 साल के थे.5 दिन पहले उनकी पत्नी निर्मल कौर का पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशंस के कारण निधन हो गया था.मिल्खा सिंह का चंडीगढ़ के PGIMER में 15 दिनों से इलाज चल रहा था.उन्हें 3 जून को ऑक्सीजन लेवल गिरने के कारण ICU में भर्ती कराया गया था.20 मई को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने एक शानदार खिलाड़ी खो दिया.मिल्खा ने असंख्य भारतीयों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई थी.मिल्खा के व्यक्तित्व ने उन्हें लाखों लोगों का चहेता बना दिया.उनके निधन से दुखी हूं.

20 नवंबर 1929 को गोविंदपुरा (जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है) के एक सिख परिवार में मिल्खा सिंह का जन्म हुआ था.खेल और देश से बहुत लगाव था, इस वजह से विभाजन के बाद भारत भाग आए और भारतीय सेना में शामिल हो गए.

मिल्खा सिंह पाकिस्तान में आयोजित एक दौड़ के लिए गए.इसमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.उनके प्रदर्शन को देखकर पाकिस्तान के जनरल अयूब खान ने उन्हें ‘द फ्लाइंग सिख’ नाम दिया.1058 में टोक्यो में आयोजित एशियाई खेलों में 200 मीटर, 400 मीटर की स्पर्धाओं और राष्ट्रमंडल में 400 मीटर की रेस में स्वर्ण पदक जीते.1964 में उन्होंने एशियाई खेल में 400 मीटर और 4×400 रिले में गोल्ड मेडल जीते.उनकी सफलता को देखते हुए, भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया

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